Monday, December 26, 2011

भ्रष्टाचार से एक मुलाकात


भ्रष्टाचार से एक मुलाकात
एक रोज़ में स्कूटर पर सवार होकर चला आ रहा था
सामने से देखा भ्रष्टाचार चला आ रहा था
मैंने भ्रष्टाचार को बोला भाई भ्रष्टाचार नमस्कार
भ्रष्टाचार ने भी तुरंत दिखाया शिस्ताचार
बोला नमस्कार भाई ..नमस्कार

मैंने कहा भाई भ्रष्टाचार ये क्या कर रहे हो
पिछले ६४ वर्षो से इस देश को चर्र रहे हो
कानून से बिलकुल नही डर रहे हो
ये बताओ कब प्रस्थान कर कर रहे हो

भ्रष्टाचार बोला ..नहीं नहीं ऐसा न कहो मित्र
इस देश ने सभी भ्रष्ट लोगो ने ही तो मुझे निमंत्रण देखर बुलवाया है
तभी तो इस देश पर मेरा एक छत्र राज आया है
में जो चला गया तो मेरे भक्त अभावो में घिर जायेंगे
इस देश के भष्ट डॉक्टर, नेता, इंजिनियर सभी
एक दिन आपको गरीबी की नाली में पड़े पाएंगे

मेरी भोंहे तन गई,,चेंरा गुस्से से लाल हो गया
मैंने कह ये देश शुभाष भगत आज़ाद का है
ये देश राम कृष्ण के अवतार का है
जिस दिन इस देश का नौजवान जागेगा
तू तो क्या तेरा बाप भी देश छोड़ कर भागेगा

भ्रष्टाचार बोला मुझसे इतरा कर
जिस दिन ऐसा हो जायेगा
तब तेरे देश में "रवि"
फिर से राम राज्य छा जायेगा
तब तक बैठे रहो और इंतज़ार करो
तब तक तुम्हारा ये मित्र भ्रष्टाचार
अपना व्यापार कुछ और बढ़ाएगा
कुछ और बढ़ाएगा ....
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रवि कुमार भद्र "रवि"

8 comments:

  1. wow - amazing Ravi ji
    please keep posting

    Thanks

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  2. thanks for sharing
    awesome

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  3. wah-wah kyaa baat hai ravi bhai
    aapki tau baat hi niraali hai
    majaa-aagaya

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  4. kyaa bidu- tusi tau chhupe rustam nikle

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  5. thanks a lot all of u...u all gave me too much courage to write...thanks a lot all of you.

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