Friday, December 30, 2011

जो पूजना है तो शहीद को पूजो

जो पूजना है तो शहीद को पूजो

जो पूजना है तो शहीद को पूजो
जिनके लहू से रंग बसंती आया है
झुकाव सर अपना उस वीर के आगे
जिसने वास्ते वतन के सर अपना कटवाया है
है कैसे मुरख मेरे हमवतन जो
सत्य, बापूओ के सामने शीश नवाते है
उनकी देहलीज़ तो चूमते है सो बार मगर
पर चौखट शहीद के मजार की बिन देखे लांघ जाते है
इंसान को गर है भगवन बनाना
तो हम इश्वर उसको बनायेंगे
रहे वतन पर जो नौ जवान
हस्ते हस्ते मौत को चूम कर गले लगायेंगे
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रवि कुमार "रवि

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